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Workshop on cervical cancer and prevention organized at Rajshree Medical College

सोमवार, दिनांक 7 मार्च 2022 को राजश्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ‘‘सर्वाइकल कैंसर से बचाव’’ के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। संस्थान के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला को स्टेट मेडिकल काउंसिल ने मान्यता देते हुए 3 क्रेडिट आवर्स प्रदान किये।
उद्घाटन समारोह में संस्थान के चेयरमैन श्री राजेन्द्र कुमार अग्रवाल जी ने कार्यशाला का उद्घाटन माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वल्लित कर किया। इस दौरान उन्होनें महिलाओं में होने वाली इस भयंकर बीमारी से बचने के लिये गाँव-गाँव जागरूकता फैलाने की जरूरत को समझाया।
कार्यशाला में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यशाला में अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी की प्रोफेसरांे डॉ. सीमा हकिम, ने अपने विचारों में कहा कि सर्वाइकल कैंसर पैपीलोमा वायरस के कारण होता है। हर उम्र की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा होता है। इसके लक्षणों को पहचानकर यदि इलाज जल्दी शुरू करा दिया जाए तो बचने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। इसे पहचानने के लिए पैप टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। अनुवांशिक कारणों से महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा रहता है। कई बार छोटी उम्र में भी सर्वाइकल कैंसर हो जाते हैं। इसके अलावा अधिक स्मोकिंग भी इसका कारण है। गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर में सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी द्वारा इलाज सम्भव है।
संस्था की एकेडमिक एडवाईजर तूलिका अग्रवाल ने आर्टिफिशयल इन्टेलिजेन्स की महत्ता को प्रकाशित करते हुए बताया कि आर्टिफिशयल इन्टेलिजेन्स के माध्यम से बीमारियों के बारे में शीघ्र जानकारी हासिल की जा सकती है जिससे कैंसर का भी समय रहते पता लगाया जा सकता है और कैंसर का इलाज समय से किया जा सकता है। आज इस पर दुनिया भर में निरन्तर शोध चल रहे हैं।
संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर रोहन बंसल ने कहा कि भविष्य में इसी तरह की कार्यशाला का आयोजन सभी विभागों में निरन्तर अंतराल पर किया जाना चाहिए जिससे हर विभाग में किये जाने वाले शोधों के बारे में जानकारी उपलब्ध होती रहेगी तथा मेडिकल विद्यार्थीयों को भी लाभ होगा और समाज में स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूकता आएगी।
संस्थान के डीन डॉ. वी.के. अग्रवाल ने पी.जी. विद्यार्थियों के सराहनीय योगदान के लिए प्रशंसा की। मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अर्जुन सिंह ने कहा कि क्लोनोस्कोपी एवं सेल्फ टेस्टिंग ट्रेनिंग के जरिए पी.जी. व इन्टर्न विद्यार्थियों को काफी लाभ होगा। विश्व महिला दिवस के अवसर पर इस कार्यशाला के आयोजन पर डॉ. अमिता रे अन्य संस्थान से आये अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
समारोह में डॉ. शशिबाला आर्या, डॉ. रेहाना नाज़िम, डॉ. प्रगति अग्रवाल, डॉ. चित्रा जौहरी, डॉ रजनी अग्रवाल, डॉ0 मृदुला शर्मा, डॉ0 पूजा एवं डॉ0 कायनात मसरूर आदि उपस्थित रहीं। कार्यशाला का सफल संचालन स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ0 शहला जमाल ने किया।

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